संवेदनशीलता और त्वरित समन्वय से 4 घंटे में माता-पिता से मिली अबोध बालिका
लकमुद्दीन अंसारी की रिपोर्ट
कुशीनगर: 19 दिसंबर 2025 को जनपद में मानवता, सतर्कता एवं प्रशासनिक समन्वय का सराहनीय उदाहरण सामने आया है। पिपरा सुजान, थाना–कुबेरस्थान निवासी वन्दना मद्धेशिया पत्नी राहुल मद्धेशिया द्वारा सह्रदयता का परिचय देते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय, रवीन्द्रनगर धूस में अपने परिजनों से बिछड़कर रो रही लगभग 01 वर्षीय एक अज्ञात बालिका को सुरक्षित रूप से थाना रवीन्द्रनगर में प्रस्तुत किया गया जिला प्रोवेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने उक्त की जानकारी देते हुए बताया कि थाना रवीन्द्रनगर द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए चाइल्ड हेल्प लाइन (1098) को तत्काल सूचित किया गया। चाइल्ड हेल्प लाइन के कार्मिकों द्वारा सूचना अपने उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई जिस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा चाइल्ड हेल्प लाइन की कार्मिक श्रीमती सुनीता पाण्डेय (केस वर्कर) एवं नलिन सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर, हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमेन) को मौके पर जाकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए निर्देशों के क्रम में संबंधित अधिकारीगण थाना रवीन्द्रनगर पहुँचे तथा स्थिति की जानकारी लेते हुए सोशल मीडिया समूहों एवं विभागीय नेटवर्क के माध्यम से बालिका की सूचना व्यापक रूप से प्रसारित की गई। सामाजिक सहयोग एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप बालिका के माता-पिता को इसकी जानकारी प्राप्त हुई, जो नियमानुसार औपचारिकताएँ पूर्ण कर अपनी पुत्री को सुरक्षित संरक्षण में ले गए इस संपूर्ण कार्यवाही में उपनिरीक्षक महेन्द्र यादव, राहुल राय, प्रमोद सिंह यादव, धीरेन्द्र कुमार, उपेन्द्र यादव सहित महिला कल्याण विभाग के नलिन सिंह एवं श्रीमती सुनीता पाण्डेय का विशेष योगदान रहा, जिनके समन्वित प्रयासों से एक अबोध बालिका मात्र 04 घंटे के भीतर अपने माता-पिता से मिल सकी जिला प्रोबेशन अधिकारी, कुशीनगर द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मियों एवं सहयोगकर्ताओं के इस मानवीय एवं संवेदनशील प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। साथ ही आम जन से अपील की गई कि किसी भी आपात स्थिति में बालकों से संबंधित सूचना टोल-फ्री चाइल्ड हेल्प लाइन (1098) अथवा 112 पर अवश्य दें, जिससे बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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