बड़े भाई की हत्या का फैसला: चार साल बाद टूटा इंसाफ का सन्नाटा, छोटे भाई को 7 साल की कैद
लकमुद्दीन अंसारी की रिपोर्ट
कुशीनगर, 19 नवंबर 2025 चार साल पहले शराब के नशे में हुई पारिवारिक मारपीट ने जिस घर की खुशियाँ हमेशा के लिए छीन ली थीं, आज उसी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया बड़े भाई की मौत के दोषी छोटे भाई को सात साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना दिया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और दोषी को सजा मिलना न्याय की कसौटी पर जरूरी है।
क्या हुआ था उस रात?
अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के मधवलिया गाँव में 8 अगस्त 2021 की शाम एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया अंगीरा देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके दो देवर—भीम सिंह और निर्मल सिंह—शराब पीकर आपस में भिड़ गए थे गुस्से और नशे में चूर छोटे भाई निर्मल सिंह ने बांस का टुकड़ा उठाया और बड़े भाई भीम सिंह पर वार कर दिया घटना इतनी भयावह थी कि भीम सिंह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े। परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहाँ देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चार साल की लड़ाई के बाद मिला इंसाफ
इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और मॉनिटरिंग सेल ने गंभीरता से पैरवी की सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत में मजबूत पक्ष रखा।
अंततः, न्यायालय ने अपराध सिद्ध मानते हुए अभियुक्त निर्मल सिंह पुत्र भगवान सिंह, निवासी मधवलिया, को 7 साल की सजा और ₹10,000 अर्थदंड से दंडित किया।
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