पोषण का खजाना है मक्का, पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत उपयुक्त फसल - डॉ. कमलेश कुमार


लकमुद्दीन अंसारी की रिपोर्ट
कुशीनगर: जनपद के पडरौना क्षेत्र के ग्राम सभा लौकरिया के डॉक्टर कमलेश कुमार से प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश में मक्का फसल की जानकारी लिया गया उन्हों ने कहा पोषण का खजाना है मक्का, पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत उपयुक्त फसल है। मक्का (भुट्टा) को "अनाजों की रानी" कहा जाता है, क्योंकि यह उच्च उत्पादन क्षमता के साथ-साथ उत्कृष्ट पोषण प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण खाद्य फसल है। आज के समय में संतुलित आहार की आवश्यकता को देखते हुए मक्का का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मक्का में प्रचुर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा, आहार रेशा (फाइबर), प्रोटीन, विटामिन-बी समूह, फोलिक अम्ल तथा मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक और आयरन जैसे आवश्यक खनिज पाए जाते हैं। पीले दानों वाली मक्का में कैरोटिनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक माने जाते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश की जलवायु, उपजाऊ दोमट मिट्टी तथा पर्याप्त वर्षा मक्का की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र के किसानों को उन्नत संकर (हाइब्रिड) एवं गुणवत्तायुक्त प्रोटीन मक्का (QPM) की खेती अपनाने की सलाह दी जाती  हैं। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पौष्टिक भोजन की उपलब्धता भी बढ़ सकती है। मक्का केवल भुट्टे के रूप में ही नहीं, बल्कि आटा, दलिया, कॉर्न फ्लेक्स, पॉपकॉर्न, सूप, स्नैक्स तथा पशु आहार के रूप में भी व्यापक उपयोग में आती है। इसके बहुउपयोगी स्वरूप के कारण इसकी बाजार मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह किसानों के लिए लाभदायक फसल बनती जा रही है। यदि इस  क्षेत्र में मक्का की वैज्ञानिक खेती तथा इसके पोषण संबंधी लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह फसल क्षेत्र की पोषण सुरक्षा और किसानों की आर्थिक समृद्धि, दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
डॉ. कमलेश कुमार (मक्का प्रजनक, ज्योति सीड्स)

Comments

Popular posts from this blog

शाशन और प्रशासन की घोर लापरवाही से जा सकती थी किसी की जान

चेन्नई मे गलत मैसेज पोस्ट किये जाने को लेकर दो पक्षो में बना था तनाव

अज्ञात वाहन की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन घायल